Monday, 21 March 2016

जब हम कहते हैं कि विश्व  में  सोलह करोड़ अग्रवाल हैं तो लोगों को विश्वास नहीं होता। बड़ा आसान है। विभिन्न समय पर जन्म व मृत्यु दरों का हिसाब लगायें  और महाराजा अग्रसेन के समय के एक लाख अग्रवालों से शुरू करके आज उनकी संख्या की गणना की जाये तो यह संख्या सोलह करोड़ आती है। इसमें एक विरोध पैदा होता है कि यदि हम सब महाराजा अग्रसेन की संतान हैं तो उनसे ही शुरू किया जाये। गणना में यदि यह फर्क किया जाये तो भी संख्या वही आएगी क्योंकि सोलह करोड़ में एक लाख का फर्क कोई मायने नहीं रखता।
फिर क्या वजह है कि हमें सोलह करोड़ की संख्या पर शक होता है। इसकी वजह है सभी अग्रवाल अपने नाम के साथ अग्रवाल नहीं लिखते। काफी लोग तो अपना गोत्र लिखते हैं।  मगर बात इतने पर ही खत्म नहीं होती। इतने अधिक सरनेम लगाने लगे हैं अग्रवाल की अग्रवाल भी नहीं बता सकते की फलां सरनेम किसी अग्रवाल का है या नहीं। इसके अलावा कुछ लोग अपने निवास स्थान को सरनेम की तरह उपयोग करने लगे। 

No comments:

Post a Comment